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Ajab gajab: ये है देश का सबसे अनोखा कॉलेज, यहां छात्र हेलमेट पहनकर करते है पढ़ाई, जानिए क्या है वजह

ajab gajab news: आज के समय में हर माता-पिता चाहता है कि उनका बच्चा एक अच्छे कॉलेज या स्कूल में पढ़ाई करें। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे कॉलेज के बारे में बताने जा रहे है जहां पर बच्चे हेलमेट पहन कर पढ़ाई करते है। आइए नीचे खबर में जानते है क्या है वजह...  

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 ये है देश का सबसे अनोखा कॉलेज, यहां छात्र हेलमेट पहनकर करते है पढ़ाई

Newz Fast, New Delhi: हर कॉलेज अपने छात्रों को विश्वस्तरीय सुविधाएँ देना चाहता है क्योंकि अगर बच्चों को सहूलत मिलेगी तो ही यहां बच्चे पढ़ने आएंगे | भारत में कई तरह के कॉलेज आपको नजर आ जायेंगे.

लोग प्लेसमेंट और कॉलेज की सुविधाओं के आधार पर इनमें एडमिशन लेते हैं. कई लोग सरकारी कॉलेज में पढ़ना प्रेफर करते हैं. इनमें फीस कम होती है और इनके डिग्री की वैल्यू ज्यादा होती है.

वहीं प्राइवेट कॉलेज बेहतरीन सुविधाएं तो देते हैं लेकिन साथ ही मोटी फीस भी वसूलते हैं. लेकिन जमशेदपुर के मानगो के वर्कर्स कॉलेज के हालात कुछ अलग हैं.

ये कॉलेज कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है | इस वर्कर कॉलेज में पढ़ाई करने आने वाले स्टूडेंट्स हेलमेट पहनकर क्लास में बैठते हैं. अगर आपको लग रहा है कि ये कोई यूनिक ड्रेस कोड है तो आप गलत हैं.

दरअसल, इन स्टूडेंट्स के हेलमेट पहनने के पीछे एक खास वजह है. इन छात्रों का क्लास में हेलमेट पहनकर पढ़ाई करने का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया गया, जहां से ये वायरल हो गया है. 

जर्जर है इमारत

क्लास में हेलमेट पहनकर बैठे ये छात्र मजबूर हैं. दरअसल, इस कॉलेज की इमारत काफी पुरानी हो चुकी है. इसकी अवस्था इतनी जर्जर है कि छत कभी भी गिर सकती है.

ऐसे में छात्र अपनी सुरक्षा के लिए क्लास के अंदर हेलमेट पहनकर बैठते हैं. कई छात्रों के ऊपर छत का कुछ हिस्सा गिर चुका है. इस वजह से स्टूडेंट्स का कहना है कि अगर क्लास करनी है तो उनके पास एक यही विकल्प बचता है.

प्रिंसिपल भी मजबूर

जब इस वीडियो के वायरल होने के बाद कॉलेज के प्रिंसिपल से बात की गई, तो उसने भी लाचारी जताई. कॉलेज के प्रिंसिपल एसपी महालिक के मुताबिक़, इमारत को बने सत्तर से अधिक वर्ष हो चुके हैं.

उन्होंने कई बार इसके जर्जर हालत के बारे में आला अधिकारियों को बताया लेकिन कोई भी एक्शन नहीं लिया गया. ऐसे में उनके पास पढ़ाई को इसी हाल में जारी रखने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.