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Chanakya Niti : पति-पत्‍नी के रिश्‍ते को कमजोर करते हैं ये काम, जानिए चाणक्य निति

Chanakya Niti : आचार्य चाणक्य महान दार्शनिक कूटनीतिज्ञ कुशल रणनीतिकार व्यक्ति है. चाणक्य ने बताया कि पति पत्नी का रिश्ता दुनिया का सबसे खास रिश्ता होता है लेकिन कभी भी पति-पत्नी को यह काम नहीं करना चाहिए. नहीं तो रिश्ता कमजोर हो सकता है चलिए जानते हैं...
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पति-पत्‍नी के रिश्‍ते को कमजोर करते हैं ये काम

Newz Fast, New Delhi : दुनिया के महान कूटनीतिज्ञ, राजनीतिज्ञ और मार्गदर्शक आचार्य चाणक्‍य ने दांपत्‍य जीवन के लिए भी अहम सूत्र बताए हैं. चाणक्‍य नीति में बताई गई ये बातें आज भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं. इसके अनुसार पति-पत्‍नी के रिश्‍ते में छोटी सी दरार भी आ जाए तो उसका भरना मुश्किल हो जाता है.

इसलिए पति-पत्‍नी को इस रिश्‍ते को बहुत संभालकर निभाना होता है. साथ ही उन्‍हें कुछ जरूरी बातों का ध्‍यान रखना होता है. वरना दांपत्‍य जीवन को बेपटरी होने या बर्बाद होने में देर नहीं लगती है. 

पति-पत्‍नी हमेशा ध्‍यान रखें ये बातें 

चाणक्‍य नीति के अनुसार पति पत्‍नी यदि सुखद दांपत्‍य जीवन जीना चाहते हैं तो उन्‍हें कुछ बातों का हमेशा पालन करना चाहिए. तभी उनके बीच प्रेम, भरोसे का रिश्‍ता कायम रहेगा. साथ ही वे दूसरों के सामने भी सम्‍मान के पात्र बने रहेंगे. 

शक: कभी भी पति-पत्‍नी को एक-दूसरे पर शक नहीं करना चाहिए. ना ही उन्‍हें एक-दूसरे से कुछ भी छिपाना चाहिए. यदि मन में कोई बात है तो बिना जाने शक करने की बजाय आपस में बात करके उस मसले को सुलझा लें.

पति-पत्‍नी के बीच भरोसा होना बहुत जरूरी है. तभी उनका रिश्‍ता लंबे समय तक टिका रह सकता है और खुशहाल भी रह सकता है. 

अपनी बातें दूसरों को ना बताएं: पति-पत्‍नी को एक-दूसरे की निजी बातें कभी भी किसी को नहीं बतानी चाहिए. ऐसा करने से वे दूसरों के सामने मजाक का पात्र बनते हैं और उनका आपसी रिश्‍ता भी कमजोर होता है. 

अपमान: कभी भी पति-पत्‍नी को एक-दूसरे का अपमान नहीं करना चाहिए. दूसरों के सामने तो कभी भी कोई अपमानजनक बात नहीं बोलनी चाहिए. ऐसा करना पति-पत्‍नी के मन में एक-दूसरे के प्रति सम्‍मान की भावना घटा देता है.

जबकि मजबूत मैरिड लाइफ के लिए प्रेम के साथ सम्‍मान जरूरी है क्‍योंकि पति-पत्‍नी के रिश्‍ते में सम्‍मान की कमी रिश्‍ते को कमजोर कर देती है.  

सहयोग की कमी: पति-पत्‍नी एक रथ के 2 पहिए होते हैं. उनके आपसी सहयोग से ही परिवार और जीवन चलता है. इसमें एक भी व्‍यक्ति के योगदान को कम नहीं आंका जा सकता है. लिहाजा जरूरी है कि पति-पत्‍नी दोनों ही अपनी जिम्‍मेदारियां और कर्त्‍तव्‍य निभाएं.