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Haryana Electricity Bills: हरियाणा के इन जिलों में बिजली के घट गए दाम, इस दिन से नई कीमतें होगी लागू

Haryana Electricity Bills:हाल ही मे हरियाणा के बिजली विभाग ने बिजली के घरेलू बिल को लेकर निर्देश दिए है। जिसमे उन्होने इस जानकारी मे बताया है कि अब पुरानी यूनिट की दरों से ही आएंगे बिल। अब नही करना पड़ेगा इन लोगो को समस्या का सामना। और इन उपभोक्ताओं की विभागीय समस्याओं को जल्दी ही निपटाने का दावा भी किया है।बिजली निगम की तरफ से रिपोर्ट जारी की है...
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Haryana Electricity Bills: हरियाणा के इन जिलों में बिजली के घट गए दाम, इस दिन से नई कीमतें होगी लागू
NewzFast India, New Delhi: हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी है। अगले साल में बिजली के बिलों में कोई इजाफा नहीं होने वाला है। इसके लिए बिजली निगम की तरफ से रिपोर्ट जारी की है।

हरियाणा सरकार ने भी नए साल में बिजली उपभोक्ताओं पर किसी तरह का बोझ नहीं डालने का फैसला किया है। वित्त वर्ष 2024-25 में बिजली का बिल नहीं बढ़ेगा।

हरियाणा की बिजली वितरण कंपनियों ने 2024-25 वित्तीय वर्ष के लिए कोई नया बिजली शुल्क प्रस्तावित नहीं किया है। 

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम दोनों कंपनियों ने हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के समक्ष अपनी रिपोर्ट दायर कर दी है। 

इसमें कंपनियों ने 35 हजार करोड़ रुपए की वार्षिक राजस्व आवश्यकताओं का प्रस्ताव दिया है।

इसमें यूएसबीवीएन द्वारा दायर 17.33 हजार करोड़ रुपए भी शामिल हैं। हरियाणा में 2021-22 में लगाए गए और वापस लिए गए ईंधन अधिकार समायोजन शुल्क (एफएसए) को छोड़कर कंपनियों ने तीन साल से बिजली के बिल में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। 

हरियाणा में बिजली को लेकर विपक्षी दल खासकर आप सरकार पर लगातार हमला करती रहती है। इसकी वजह है कि सीमावर्ती राज्य पंजाब में आप की सरकार है,

जहां जीरो बिजली का बिल लोगों को दिया जा रहा है। ऐसे में टैरिफ बढ़ाकर सरकार किसी प्रकार का रिस्क नहीं लेना चाहती।

डीएचबीवीएन अधिकारियों के अनुसार एआरआर में सुझाव दिया गया है कि इस साल बिजली खरीद के लिए 12,293 करोड़ रुपए की बिजली खरीद की मंजूरी दी जाए।

इस बार 24,871 मिलियन यूनिट की खपत का अनुमान लगाया गया है।

साथ ही लाइन लॉस 10.75 प्रतिशत बताया गया है। बिजली कंपनियों द्वारा दी गई रिपोर्ट पर फरवरी माह में फैसला लिया जाएगा। उसके बाद नई दरों को लागू करने अथवा पुरानी दरों को जारी रखने के संबंध में मार्च माह में फैसला लिया जाएगा।