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संजीवनी बुटी से कम नहीं है ये पौधा, सर्दियों में इन रोगों को कर देगा खत्म

अब इस पौधे की विशेष गुणो के बारे मे जानकर रह जाएंगे हैरान। आज बताने जा रहे है वे महत्वपूर्ण पतिया जिनका प्रयोग करके घर पर तैयार कर सकते है यह औषधि। इस सर्दी इसका उपयोग करने से नही पड़ेंगे बीमार । जानते है इसकी विधि... 
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संजीवनी बुटी से कम नहीं है ये पौधा, सर्दियों में इन रोगों को कर देगा खत्म
NewzFast India,New Delhi: गुमा को द्रोण पुष्पी के नाम से भी जानते हैं. अभी ठंड का शुरुआती दौर है इन दिनों सर्दी, खांसी, जुखाम और बुखार जैसी बीमारियां आम बन जाती हैं. राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. सर्वेश कुमार बताते हैं कि गुमा का काढ़ा खासकर से ठंड में रामबाण का काम करता है.

इसका काढ़ा एक तरह से शरीर को फिल्टर करता है. सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार इत्यादि ठंड के मौसम में काफी परेशान करने वाली बीमारियों से राहत मिलती है.

शांति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्रो. डॉ. आर.वी.एन पांडेय बताते हैं कि यह ठंडी के मौसम में बहुत ही फायदेमंद होता है. 

अगस्त्य के जड़ व पत्तों के काढ़े से खांसी, जुकाम और बुखार में आराम मिलता है. इसके अलावा माइग्रेन, सर दर्द, पेट की समस्या, याददाश्त तेज, बवासीर और स्क्रीन से संबंधित रोग इत्यादि में भी इसके महत्वपूर्ण प्रयोग और फायदे हैं.

अर्जुन एक महत्वपूर्ण औषधि है. राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र यादव बताते हैं कि इस ठंड के मौसम में होने वाली तमाम बीमारियों में इसके छाल के काढ़े का बड़ा महत्व है.

यह जहां शरीर में इम्यूनिटी पावर को बढ़ाता है तो वही फेफड़ों को मजबूत बनाकर उसकी क्षमता को भी मजबूत करता है.

ठंड में हरसिंगार को तो संजीवनी बूटी का छोटा भाई भी कर सकते हैं. राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की चिकित्साधिकारी डॉ. प्रियंका सिंह बताती है कि हरसिंगार की पत्तियां पुराने से पुराने बुखार, खांसी, गठिया और संक्रमण इत्यादि में लाभकारी होता है. 

इसके पत्तियों का रस कड़वा तो होता है लेकिन टॉनिक का काम करता है. इसके अलावा यह गठिया और कब्ज के लिए भी लाभकारी होता है.

यह औषधि नहीं बल्कि श्री हरि विष्णु का सुदर्शन चक्र है साहब. किसी भी प्रकार का बुखार हो जड़ से खत्म करने में यह औषधि सुदर्शन चक्र साबित होती है. 

शांति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्रो. डॉ. एस.पी तिवारी कहते हैं कि इसके अलावा कान दर्द, बवासीर, पेट के कीड़े तथा स्क्रीन से लेकर तमाम जोड़ों के दर्द में भी उपयोगी है. इसको ज्वरनाशक कहा जाता है. इसकी पत्तियों का काढा उपयोगी होता है.