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Ajab-Gajab: राजस्थान का सबसे भूतिया गांव, जहां रातोंरात गांव छोड़कर भाग गए लोग, जानिए पूरी कहानी

Ajab-Gajab: अक्सर लोग भूत-परेत की बातों पर विश्वास नहीं करते है. लेकिन भारत में लोगों के साथ ऐसी कई घटनाएं घटी है. जिसे बहुत कम लोग जानते है. आज हम आपको ऐसी दिल दहलाने वाली घटना के बारें में बताने जा रहें है. जिसे सुनकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी. ये कहानी राजस्थान के जैसलमेर जिले में एक गांव है. जहां पर भूतो का बसेरा है. जहां पर लोग जाने से डरते है. आइए जानते है पूरी कहानी...
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 राजस्थान का सबसे भूतिया गांव, रातों रात गांव छोड़कर भाग गए लोग
Newz Fast- नई दिल्ली: राजस्थान के कुलधरा गांव की गिनती देश की भूतिया जगहों में की जाती है। बताया जाता है कि करीब दो साल पहले लोग रातोंरात इस गांव को छोड़कर भाग गए थे। इसके बाद से इस गांव में कोई रहने के लिए नहीं आया और यह गांव वीरान हो गया। इस गांव को श्रापित भी कहा जाता है। इस गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना जुड़ी हुई है। 

जर्जर हालात में पड़े घर आज भी उस घटना की गवाही देते हैं। आसपास के लोग बताते हैं कि यहां पर अक्सर भूतिया घटनाएं घटती हैं, जिसकी वजह से लोग भूलकर भी यहां नहीं जाते हैं। कुलधरा गांव कभी बेहद खूबसूरत था, लेकिन एक घटना ने इस गांव को वीराने में बदल दिया। कुलधरा गांव इस हालात में कभी नहीं था। बताया जाता है कि पहले यह गांव काफी सुंदर हुआ करता था।

करीब 200 साल पहले कुलधरा गांव में पालीवाल ब्राह्मण की काफी आबादी रहती थी। साल 1825 में अचानक इस गांव को लोगों ने खाली कर दिया। मान्यता है कि लोगों ने गांव से जाते समय श्राप दिया कि जो कोई भी इस गांव में बसने की कोशिश करेगा, वह पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। 

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उस घटना के बाद यह श्रापित गांव वीराने में बदल गया। आखिर क्या वजह थी कि पालीवाल ब्राह्मण और दूसरे लोगों ने इस गांव को खाली कर दिया? बताया जाता है कि पालीवाल ब्राह्मणों ने 1291 में कुलधरा गांव को बसाया था.

और उस समय यह एक समृद्ध गांव था। इस गांव में ज्यादातर ब्राह्मण रहते थे और यहां पर खेती, पशुपालन और व्यापार के लिए उपयुक्त भूमि थी। पालीवाल ब्राह्माण पाली के रहने वाले थे. लेकिन सभी 11वीं शताब्दी में पाली से विस्थापित होकर राजस्थान के विभिन्न स्थानों जोधपुर, जैसलमेर, साथलमेर, बीकानेर आदि में जाकर रहने लगे थे। 

उस समय कुलधरा गांव बेहद समृद्ध हुआ करता था। इस गांव में बड़ी-बड़ी हवेलियां हुआ करती थीं।मान्यता के मुताबिक, रियासत के दीवान सालेम सिंह की नजर गांव के एक ब्राह्मण की पुत्री शक्ति मैया पर थी। वह उसके साथ शादी करना चाहता था, जबकि दूसरी तरफ गांव का ब्राह्मण अपनी पुत्री का विवाह किसी दूसरी बिरादरी में नहीं करना चाहते थे।

इसके बाद सालेम सिंह ने गांव वालों को धमकी दी कि अगर वो शक्ति मैया से उनकी शादी नहीं करवाते हैं, तो वो पूरे गांव को तहस नहस कर देगा। धमकी के बाद गांव के पालीवाल ब्राह्मणों ने पंचायत में फैसला किया कि वह इस गांव को छोड़ देंगे। उसके बाद सभी ब्राह्मण गांव को वैसा ही छोड़कर रातों रात वहां से चले गए।

जाते वक्त उन्होंने यह श्राप भी दिया कि जो कोई भी इस गांव में बसने की कोशिश करेगा। वह पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। दूसरी मान्यता के मुताबिक, गांव वालों ने सालेम सिंह द्वारा ज्यादातर मात्रा में कर वसूले जाने की वजह से परेशान होकर गांव से चले गए।

हालांकि तीसरी वजह वैज्ञानिक भी लगती है.उसके मुताबिक, पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा इस गांव को छोड़ने की मुख्य वजह सूखा और गांव में पानी के जलस्तर का नीचे गिरना था। लेकिन आज भी यह गांव रहस्यमयी है।