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दुनिया में ऐसे कई देश जहां दूध पीना नहीं माना जाता अच्छा, जानिए क्या है राज

Milk Newz: दूध एक पौष्तिक आहार है, जो हमारे शरीर को संपूर्ण आहार है. डॉक्‍टर भी रोजाना दूध पीने की सलाह देते है. लेकिन आज हम आपको ऐसे देश के बारें में जानकारी देने जा रहें है. जहां दूध पीना अच्छा नहीं माना जाता. आखिल क्यों यहां के लोग दूध पीना पसंद नहीं करते. आइए जानते है इसकी वजह...
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दुनिया में ऐसे कई देश जहां दूध पीना नहीं माना जाता अच्छा
Newz Fast- नई दिल्ली: दूध को संपूर्ण आहार माना गया है, क्‍योंकि दूध पीने से हमारे शरीर में कैल्शियम की कमी नहीं होती. इसमें कैल्शियम, मैगनीशियम, जिंक, फॉस्‍फोरस, आयोडीन, आयरन, पोटैशियम, फोलेट्स, विटामिन ए, विटामिन डी, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी 12, प्रोटीन और फैट पाया जाता है.

जो हमारे शरीर को संपूर्ण पोषण देता है. भारत ही नहीं, दुनिया के ज्‍यादातर मुल्‍कों में लोग दूध पीते हैं. डॉक्‍टर भी रोजाना एक ग‍िलास दूध लेने की सलाह देते हैं. लेकिन कुछ मुल्‍क ऐसे भी हैं, जहां दूध पीना अच्‍छा नहीं माना जाता. फ‍िर भी यहां के लोग काफी मेहनती और बुद्धिमान होते हैं. आख‍िर क्‍यों यहां के लोग दूध नहीं पीना चाहते? आइए जानते हैं इसके पीछे की पूरी कहानी.

अगर आप सोच रहे क‍ि ये देश अमेर‍िका या यूरोप के हैं तो आप 100 फीसदी गलत हैं. हम बात कर रहे अपने पड़ोसी देश चीन और जापान की. असल में चीन की पुरानी सभ्यता में दूध पीने को अच्छा नहीं माना जाता था.

आज भी बहुत से चीनी नागरिकों के लिए चीज का इस्तेमाल भी उबकाई ला देता है. यहां लोग डेयरी प्रोडक्‍ट खाने से बचते हैं. खासकर दूध और दही. ठीक इसी तरह जापान में भी लोग डेयरी प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल बिल्कुल न के बराबर करते हैं. इसके बावजूद इन दोनों देशों में लोग काफी फ‍िट रहते हैं. लंबी उम्र तक जीते हैं.

क्‍या सच में नहीं फटता यह दूध?

चीन के लोगों को अजीब बीमारी द गार्जियन में पब्‍ल‍िश एक रिपोर्ट के मुताबिक, जंगली पशु-पक्षी खाकर पचा लेने वाले चीन के लोग दूध नहीं पचा पाते. यहां की आधी से ज्‍यादा आबादी लेक्टोज इनटॉलरेंट (Lactose intolerant) की शिकार है.

यह समस्‍या जेनेटिक है. जन्‍म से ही उन्‍हें दूध पचाने में मुश्क‍िल आती है. इसीलिए पनीर, घी और बटर भी चीनी लोग काफी कम खाना पसंद करते हैं. यही वजह है क‍ि चीन में डेयरी प्रोडक्ट की मांग भी बहुत कम है.

जापान में प्रधानमंत्री कर रहे पीने की अपील

जापान में दूध का इस्‍तेमाल न होने की वजह काफी दिलचस्‍प है. यहां के पारंपर‍िक फूड में दूध को कभी महत्‍व नहीं दिया गया. क्‍योंकि यहां 80 फीसदी इलाके में पहाड़ियां हैं. और गाय-भैंस पालने की परंपरा नहीं रही. इसी वजह से दूध नहीं पीते लोग.लेकिन बीते कुछ वर्षों यहां दूध का उत्‍पादन इतना ज्‍यादा होने लगा है क‍ि इस्‍तेमाल नहीं हो पा रहा है.

हालात यहां तक आ गए हैं क‍ि हर साल सर्दी में करीब 5000 टन दूध की बर्बादी होती है. नतीजा स्‍कूलों में जबरन बच्‍चों को दूध पिलाया जाता है.  कुछ महीने पहले यहां के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा (Prime Minister Fumio Kishida) ने लोगों से एक गिलास एक्‍स्‍ट्रा दूध पीने की अपील की.

यहां तक मंत्री भी कैबिनेट बैठक के दौरान दूध पीते देखे गए थे ताक‍ि लोग इससे सीखें. डेयरी प्रोडक्‍ट बनाने वाली कंपन‍ियां 50 फीसदी तक छूट दे रही हैं, इसके बावजूद दूध क इस्‍तेमाल करने वालों की काफी कमी है.