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पैसा निवेश करने के लिए देश का ये बैंक है सबसे सेफ, RBI ने दी जानकारी

Safest Bank in India Latest Update: आम आदमी दिन रात कड़ी मेहनत करके अपनी पूंजी बैंक में जमा करवाते है. ताकि उनका पैसा सुरक्षित रहे. और जरूरत पड़ने पर निकाल लें. लोगों को यही डर रहता है कि उनका पैसा डूब न जाएं. आरबीआई के अनुसार आपको बता दें कि ये बैंक देश का सबसे सेफ बैंक है. जहां आपका पैसा कभी नहीं डूबेगा. आइए जानते है इन बैंक के बारें में...
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पैसा निवेश करने के लिए देश का ये बैंक है सबसे सेफ
Newz Fast India- नई दिल्ली: भारत का बैंकिंग क्षेत्र काफी विशालकाय है. इसमें सरकारी बैंक, निजी बैंक, स्मॉल फायनेंस बैंक, सहकारी बैंक, ग्रामीण बैंक और भुगतान बैंक जैसे कई प्रकार के बैंक शामिल हैं. 

ये सभी ठीक से काम करते रहें और लोगों का पैसा सुरक्षित रहे, इसकी जिम्मेदारी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की है। इसलिए, जब भी किसी बैंक के फेल होने की आशंका होती है तो आरबीआई समय रहते सख्त कदम उठा लेता है. 

जैसा कि यस बैंक या अन्य सरकारी बैंकों के बढ़ते एनपीए के मामले में किया गया. अब रिजर्व बैंक ने देश के 3 ऐसे बैंकों की लिस्ट जारी की है, जो कभी फेल नहीं हो सकते।

रिजर्व बैंक का कहना है कि देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) घरेलू व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बैंक (D-SIB) है. इस सूची में निजी क्षेत्र के दो बैंक आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक भी शामिल हैं. डी-एसआईबी ऐसे बैंक कहलाते हैं, जो इतने बड़े होते हैं कि फेल नहीं हो सकते, यानी उन्हें टू बिग टू फेल बैंक कहा जाता है.

ऐसे बैंकों की खासियत क्या है?

‘टू बिग टू फेल’ बैंक की अवधारणा के तहत उम्मीद की जाती है कि ऐसे बैंकों पर संकट आने पर सरकार उनका साथ देगी और उन्हें डूबने से बचाएगी. इसलिए इन बैंकों को फंडिंग मार्केट में कुछ अतिरिक्त सुविधाएं मिलती हैं और इन बैंकों पर ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ता है.

पहले नहीं शामिल था एचडीएफसी बैंक

आरबीआई ने एक बयान में कहा कि एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक 2021 की डी-एसआईबी सूची के मापदंडों के आधार पर इस सूची में बने हुए हैं. आरबीआई ने 2015 में एसबीआई और 2016 में आईसीआईसीआई बैंक को सीओडीआई-एसआईबी घोषित किया था.

एचडीएफसी बैंक को 31 मार्च 2017 तक एकत्र किए गए आंकड़ों के आधार पर इस श्रेणी में शामिल किया गया था. वर्तमान सूची को रिजर्व बैंक द्वारा 31 मार्च 2022 तक बैंकों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर हाल ही में अपडेट किया गया है.

भारतीय रिज़र्व बैंक ने जुलाई 2014 में D-SIB के निर्धारण के लिए रूपरेखा जारी की थी. इस रूपरेखा के तहत, RBI को D-SIB के रूप में घोषित बैंकों के नामों का खुलासा करना होता है.