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UP News: किसानों की हुई मौज, अब फसल खराब होने पर मिलेगा इतना मुआवजा

Good News For Mango Farmers: आपको बता दें कि कुछ दिनों बाद आम के बागों में बौर आना शुरू हो जाएगा। जिला प्रशासन ने फसल बीमा योजना के अंतर्गत पहली बार आम की फसल को भी सम्मिलित कर लिया है। अगर अब बीमित फसल को कोई नुकसान होता है तो बीमा कंपनी द्वारा किसानों को क्षतिपूर्ति की जाएगी। 

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अब फसल खराब होने पर मिलेगा इतना मुआवजा  

NewzFast India, New Delhi: आम की फसल से लोगों का मुंह मीठा करने वाले बागवानों की फसल को भी अब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का सुरक्षा कवच दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने फसल बीमा योजना के अंतर्गत पहली बार आम की फसल को भी सम्मिलित कर लिया है। अगर अब बीमित फसल को कोई नुकसान होता है तो बीमा कंपनी द्वारा किसानों को क्षतिपूर्ति की जाएगी।

गन्ने की फसल के लिए मशहूर जिले में आम की फसल भी खूब लहलहाती है। जिले में लगभग साढ़े नौ हजार हेक्टेयर भूमि में आम के बाग हैं। बनारसी, चौसा और दशहरी आम की प्रमुख प्रजातियां जिले में हैं। इसके अलावा कुछ बागों में आमृपाली और रटौल के पेड़ भी हैं।

पीएम की फसल बीमा योजना से मिलेगा लाभ-

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना कई साल से चल रही है लेकिन आम की फसल अब तक इससे बाहर थी। कितना भी नुकसान हो जाए लेकिन आम की फसल को बीमा योजना से एक रुपये की भी क्षतिपूर्ति नहीं मिलती थी। किसी फसल को बीमा योजना में शामिल करना डीएम की अध्यक्षता में बनी जिला स्तरीय मानीटरिंग कमेटी के अधिकार में होता है।

इस कमेटी ने आम की फसल को भी जिले के अंदर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सम्मिलित कर लिया है। बीमित फसल में अब अगर आंधी-तूफान या ओलावृष्टि से कोई नुकसान होता है तो बीमा कंपनी द्वारा इसकी क्षतिपूर्ति की जाएगी।

सऊदी अरब जाता है आम-

जिले का आम सऊदी अरब तक जाता है। आम विदेश भेजने के लिए फसल की गुणवत्ता बहुत अच्छी होनी चाहिए लेकिन अतिवर्षा भी फसल को नुकसान पहुंचाती है। इस बार अतिवर्षा से आम की फसल पर काले धब्बे पड़ गए और फसल विदेश भेजने लायक ही नहीं बची।

'आम की फसल को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सम्मिलित किया गया है। बीमित फसल में कोई नुकसान होने पर संबंधित कंपनी से क्षतिपूर्ति दिलाई जाएगी। किसानों को आम की फसल के बीमा के लिए जागरूक किया जा रहा है।' जितेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी