newz fast

Noida के इस बैंक मैनेजर ने किया करोड़ों का घुटाला, पुलिस ने की कारवाई

Noida -हाल ही में मिली रिपोर्ट के अनुसार आपको बता दें कि नोएडा का इस बैंक का मैनेजर करोड़ों रूपयों का घुटाला करके देश छोड़कर विदेश अपनी मां और पत्नी के साथ फरार हो गया. इस मैनेजर ने 90 खातों में राशि ट्रांसफर की थी. पुलिस सभी खातों की जांच करवा के फ्रीज करा चुकी है. आइए जानते है पूरा मामला क्या है...
 | 
नोएडा के इस बैंक मैनेजर ने किया करोड़ों का घुटाला
Newz Fast-नई दिल्ली: नोएडा में साउथ इंडियन बैंक के एक सहायक मैनेजर ने बैंक के 28 करोड़ रुपये अपनी मां और पत्नी के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसकी जांच में पता चला है. कि आरोपी सहायक प्रबंधक राहुल शर्मा ने कुल 90 खातों में राशि ट्रांसफर की थी। पुलिस सभी 90 खाते फ्रीज करा चुकी है। बैंक से फ्रॉड करने बाद मैनेजर परिवार सहित फरार हो गया है। 

उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तीन टीमें गठित की हैं। आरोपियों की तलाश में जगह-जगह दबिश दी जा रही है। हालांकि अभी वह पुलिस की पकड़ से बाहर है। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी देश छोड़कर विदेश भाग गए हैं। इस मामले में कोतवाली सेक्टर-24 पुलिस जांच कर रही है।

कंपनी और बैंक के साथ धोखाधड़ी-

डीसीपी हरीश चंदर ने बताया कि मामले में संबंधित बैंक के डीजीएम रिजनल ने सहायक प्रबंधक, उसकी मां और पत्नी समेत अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है। शिकायत में रैनजीत आर, नायक ने बताया. कि उन्हें पिछले कुछ दिनों से सेक्टर-22 स्थित बैंक की शाखा से गड़बड़ी की शिकायत मिल रही थी। जिस पर विभाग ने अपनी विजिलेंस टीम से यहां की जांच कराई। जांच में पता चला.

कि सेक्टर-48 स्थित एसोसिएट इलेक्ट्रानिक्स रिसर्च फाउंडेशन नामक कंपनी के खाते से सहायक बैंक प्रबंधक राहुल शर्मा ने 28.07 करोड़ रुपये पत्नी भूमिका शर्मा और मां सीमा समेत अन्य के खातों में ट्रांसफर कर कंपनी और बैंक के साथ धोखाधड़ी की है।

खातों से ट्रांसफर की रकम-

इस मामले में एसोसिएट इलेक्ट्रानिक्स रिसर्च फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने तीन, चार और छह दिसंबर को ईमेल से शिकायत दर्ज कराते हुए खाते से बिना अनुमति और जानकारी के रुपये ट्रांसफर करने के आरोप लगाए थे।

मूल रूप से हरियाणा के रोहतक में रहने वाला राहुल शर्मा वर्तमान में सेक्टर-27 में परिवार के साथ रहता है।केस दर्ज होने के बाद वह दोनों पतों पर नहीं मिले। पुलिस के मुताबिक, केस दर्ज होने के बाद पुलिस उन खातों की जांच कर रही है.

 जिन खातों में रकम ट्रांसफर की गई है। योजना के तहत धोखाधड़ी के लिए सहायक प्रबंधक ने अपनी मां और पत्नी समेत अन्य लोगों का खाता खुलवाया था। खाते को सत्यापित करने के बाद आरोपी ने इन्हीं खातों में निजी कंपनी के करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर लिए।